Google BERT Algorithm क्या है | BERT कैसे काम करता है? In Hindi

Google BERT Algorithm क्या है
Google BERT Algorithm क्या है 

अगर आप भी Blogging करते है Hindi या English Language में तो आपके लिए यह जानना काफी ज्यादा जरूरी होगा की Google BERT Algorithm क्या है और BERT कैसे काम करता है? आज के इस टॉपिक में मैं BERT के बारे में ही आपको बताने वाला हूं. 

Google हमेशा Search Engine से Related नए नए Updates जारी करता रहता है. जिससे कभी कभी तो किसी Blog की Ranking ही Down हो जाती है. उन्ही की तरह BERT को भी Google का एक बहुत बड़ा Update माना जाता है. 

Google ने BERT को अक्टूबर 2019 में लॉन्च किया था. जिसके चलते अब Google Search Engine के काम करने के तरीकों में काफी ज्यादा बदलाव हुए है. इस आर्टिकल में हम इन्ही बदलाव के बारे में बात करेंगे और यह जानेंगे की BERT क्या है?

Google BERT Algorithm क्या है? (What is a Google BERT Algorithm in Hindi)

गुगल ने अक्टूबर 2019 को अपने नए Algorithm BERT को लॉन्च किया था. उस समय इसे सिर्फ English Language में 10% Search Queries में ही शुरू किया गया था. लेकिन आज दुनिया के प्रत्येक देशों में BERT का इस्तेमाल किया जा रहा है.

BERT का फुल फॉर्म Bidirectional Encoder Representations From Transformers है. यह एक Natural Language Processing मॉडल है. जो किसी Blog के Word का मतलब Natural तरीके से समझने में Google की सहायता करता है. जिससे सर्च रिजल्ट में गुगल Exact Match Content दिखा पाता है.

किसी भी Language के भावनाओं को समझना किसी Computer System के बस की बात नहीं होती. जिसके चलते Google ने BERT को लॉन्च किया है. BERT किसी भी Language की भावनाओं जैसे की Conditions, Culture, Emotions और Reference को बड़ी आसानी से समझ जाता है. Read Also: Search Console Insights क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे करे?

तो चलिए दोस्तों BERT को और भी अच्छे तारिके से समझने की कोशिश करते है. ताकि आपको BERT के बारे में छोटी से छोटी चीजें समझ आ सके.

BERT का पहला Word है Bidirectional जिसका मतलब होता है दो Direction वाला. आप किसी भी सेंटेंस को देखते है तो उसके आगे कोई अलग Word होता है या पीछे कोई अलग Word होता है यानी की दो Direction.

BERT के अलावा जितने भी Languages है वे सभी किसी सेंटेंस को एक ही Direction में पढ़ना शुरू करते है जैसे की लेफ्ट से राइट या राइट से लेफ्ट. लेकिन BERT ऐसा बिलकुल भी नहीं करता यह दोनो ही Direction में पढ़ना शुरू कर देता है.

BERT किसी भी सेंटेंस को दोनो Direction में पढ़ता है जिसके चलते उस सेंटेंस का मतलब एक ही बार में समझ आ जाता है. इसलिए इसे Bidirectional कहा जाता है. 

Example: जैसे की एक शब्द है 'पेन' अगर इसके पहले 'मेरा' लिख दिया जाए तो मेरे पेन के बारे में बात होगी, अगर उसका लिख दिया जाए तो उसके पेन के बारे में बात होगी और अगर आपका लिख दिया जाए तो आपके पेन के बारे में बात होगी. 

वहीं अगर पेन के बाद 'है' लगा दिया जाए तो 'मेरा पेन है' या 'उसका पेन है' या 'आपका पेन है' हो जायेगा. यदि 'है' न लगा कर 'था' लगा दिया जाए तो 'मेरा पेन था' या 'उसका पेन था' या 'आपका पेन था' हो जायेगा. 

इससे यह पता चलता है की पेन शब्द नहीं बदल रहा है लेकिन उसके आगे या पीछे जो लिखा जा रहा है उसके कारण पूरा Meaning Chang हो रहा है. इसी को Bidirectional कहते है. Read Also: क्या Lockdown में Google Adsense का Approval मिल रहा है?

अब जानते है Encoder Representations From Transformers का मतलब. Natural Language Processing में Transformers एक ऐसा Mechanism होता है जो किसी भी Text में मौजूद Word के आपस में Relation को पहचान सकता है. इसके 2 पार्ट होते है - 

1. Encoder - यह Text को पड़कर उसके Meaning को समझता है.

2. Decoder - यह Meaning के जरिए Text को बनाता है.

Encoder Representation का मतलब होता है की Encoder ने किसी सेंटेंस का जो मतलब समझा है उसे बताना. अगर हम इन्हे एक साथ जोड़ दे तो Bidirectional Encoder Representation From Transformers होता है. 

इस पूरे लाइन का यह मतलब हुआ कि Transformers ने किसी सेंटेंस को दोनों Direction में पढ़कर जो मतलब समझा है उसे Define करना. इससे यह समझ आता है की BERT किसी सेंटेंस का Meaning तो समझ सकता है लेकिन खुद से कोई नया Text बना नहीं सकता.

User द्वारा Search किए गए Phrase को एक नॉर्मल ह्यूमन की तरह समझने में BERT Algorithm गुगल की सहायता करता है. जिससे Google अब यह आसानी से समझ जाता है की User जो Search कर रहे है उसका मतलब क्या है. Read Also: [2021] Google Adsense क्या है और यह कैसे काम करता है जानिए हिंदी में

Google BERT Algorithm किन किन Languages को Support करता है?

जानकारी के लिए बता दें की BERT सिर्फ English या Hindi नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड में 70 भाषाओं को Support करता है. ये भाषाएं निम्नलिखित है-

"अफ्रीकी, अल्बानियाई, अम्हारिक्, अरबी, अर्मेनियाई, अज़ेरी, बास्क, बेलारूसी, बल्गेरियाई, कैटलन, चीनी (सरलीकृत और ताइवानी), क्रोएशियाई, चेक, डेनिश, डच, अंग्रेजी, एस्टोनियाई, फारसी, फिनिश, फ्रेंच, गैलिशियन्, जॉर्जियाई, जर्मन, ग्रीक, गुजराती, हिब्रू, हिंदी, हंगेरियन, आइसलैंडिक, इंडोनेशियाई, इतालवी, जापानी, जावानीस, कन्नड़, कज़ाख, खमेर, कोरियाई, कुर्द, किर्गिज़, लाओ, लातवियाई, लिथुआनियाई, मैसेडोनियन मलय (ब्रुनेई दरियालम) और मलेशिया, माल्टीज़, मराठी, मंगोलियाई, नेपाली, नॉर्वेजियन, पोलिश, पुर्तगाली, पंजाबी, रोमानियाई, रूसी, सर्बियाई, सिंहल, स्लोवाक, स्लोवेनियाई, स्पेनिश, स्वाहिली, स्वीडिश, तागालोग, ताजिक, तमिल, तेलुगु, थाई, तुर्की, यूक्रेनी, उर्दू, उज़्बेक और वियतनामी "

आपको इसमें इंग्लिश और हिंदी language भी दिखाई दिया होगा. यदि आप हिंदी में ब्लॉगिंग करते हो या इंग्लिश में, आपके ब्लॉग पर Google BERT Althorithm का असर जरूर पडता है. साथ ही BERT की सहायता से ही Google आपके Blog Post को Rank करता है.

BERT Algorithm से Website पर क्या फर्क पड़ता है?

दोस्तों BERT Algorithm से किसी भी Website पर काफी ज्यादा असर पड़ता है. मैने आपको पहले ही यह बता दिया है की BERT का काम है किसी भी सेंटेंस को अच्छे तरीके से समझकर उसे Define करना. 

अगर Google अच्छे तरीके से आपके वर्ड्स या सेंटेंस को समझेगा तो वह आपके साइट पर काफी ज्यादा ट्रैफिक भेज सकता है और यह Traffic Organic ही रहेगा.

BERT के कारण आपके Website के Traffic में काफी ज्यादा बदलाव होंगे या हो चुके है जो आगे भी होते रहेंगे. अगर आप अपने Content को सही ढंग से लिखते है तो आपका वह पोस्ट जरूर Rank होगा जिससे आपके साइट पर ट्रैफिक आना भी शुरू हो जाएगा. Read Also: Top 10 Best Blogging Tools For Beginners in Hindi 

क्या Snippet में Google BERT Algorithm का असर पड़ता है?

Google ने BERT को इसलिए लॉन्च किया है क्योंकि गुगल हमेशा से यह चाहता है की Users जो क्वेरी कर रहा है उसे उसके मुताबिक सही से सही Answer मिल सके. BERT का असर सिर्फ आपके Blog पर ही नहीं बल्कि Snippet पर भी दिखाई देगा. 

जानकारी के लिए बता दूं कि Snippet वह Section है जहां पर जब कोई User कुछ Queries करते हैं तो गूगल उसे उसके Answer का थोड़ा सा भाग दिखाया जाता है जिसे देख कर Users को सही जानकारी मिलता है.

Google Search Engine पर Snippet का बहुत ही बड़ा रोल है. इसलिए Google BERT Algorithm का असर Snippet section पर भी दिखेगा. BERT का सबसे ज्यादा असर Sentences वाली क्वेरी पर दिखता है. 

नए Algorithm के अनुसार BERT अब Preposition जैसे शब्दों को आसानी से समझ लेता है. वे शब्द जो कि 2 शब्दों के बीच में संबंध बनाते है. उन Word के मतलब को BERT समझ लेता हैं और उसी के मुताबिक वह पूछे जाने वाले सवालों का सही से सही जवाब देता है.

Google BERT Algorithm के Pros और Cons

दोस्तों आप तो यह जानते ही हैं की हर चीज के दो पहलू होते है अच्छे और बुरे. ठीक उसी तरह ही हर Algorithm के अच्छे एवं बुरे दोनों ही तरह के Result देखने को मिलता है. कई यूजर्स के लिए BERT अच्छा साबित होता है तो कई यूजर्स के लिए बुरा साबित हो जाता है.

Google के मुताबिक BERT Algorithm Keyword Density वाले Article को चुन कर Users की Queries को पूरी तरह से समझ कर उसे सही जानकारी देने में गुगल की सहायता करता है. 

जब BERT लॉन्च हुआ था तो कई लोगो के वेबसाइट का 50% ट्रैफिक डाउन हो गया था तो कइयों के वेबसाइट में 50% ट्रैफिक बढ़ गया था.

BERT के लिए आपको अपने साइट में क्या बदलाव करने चाहिए ?

Google BERT Algorithm को यूजर को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. BERT के मुताबिक आपको अपने साइट में कुछ भी बदलाव करने की जरूरत नहीं है. बस आपको अपने आर्टिकल में सही और सटीक जानकारी देने की कोशिश करना है. 

दोस्तों BERT का कोई भी Wordpress Plugin नहीं है और यदि आपसे किसी ने कहा कि BERT के लिए साइट को Optimize करने के लिए कोई प्लगिन है करके तो यह समझ जाइयेगा की वह झूठ बोल रहा है आप ऐसे लोगों से बचकर रहिए.

Conclusion (Google BERT Algorithm क्या है)

आशा करता हूं की आपको यह जरूर मालूम हो गया होगा की Google BERT Algorithm क्या है. अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा तो इसे सोसल मीडिया प्लेटफार्म और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे जो Blogging में Interest रखते होंगे ताकि उन्हें भी यह पता चल सके की Google BERT Algorithm क्या है.

अगर आपके मन में अभी भी कुछ सवाल है तो आप कमेंट करके हमसे जरूर पूछ सकते हैं. हम आपकी सहायता जरूर करेंगे.

धन्यवाद!

हमेशा सीखते रहिए ♥️

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