Share Market में Option Trading क्या है? Option Trading in Hindi 2022 - Master Eyes

Share Market में Option Trading क्या है? Option Trading in Hindi 2022
Share Market में Option Trading क्या है? Option Trading in Hindi 2022 - Master Eyes   

Hi Friends, आपका हमारे इस ब्लॉग में स्वागत है। आज हम बात करने वाले है Option Trading kya hota hai, option trading timings, is option trading legal in india, option Trading types in hindi और option trading kaise kare In hindi के बारे में। 

हम विस्तार से ऑप्शन ट्रेडिंग का विश्लेषण करेंगे और जानेंगे की ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है? दोस्तों आपने Share Market का नाम तो जरूर सुना होगा। साथ ही शेयर मार्केट में निवेश कैसे करते है और ट्रेडिंग कैसे करते है उसके बारे में भी आपको मालूम हो होगा। ठीक इसी तरह ऑप्शन ट्रेडिंग भी होता है। 

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करके पैसे कमाने के एक नहीं बल्कि ढेरों सारे तरीके है उन्ही में से एक है ऑप्शन ट्रेडिंग। यह अक्सर निवेशकों के बीच में चर्चा का विषय बन रहता है कई निवेशक इसी का उपयोग करके ट्रेडिंग करते हैं और कई निवेशक इसका उपयोग नहीं करते। ऐसे में जो नए निवेशक होते है इन बिचारों के मन में यही सवाल रहता है की मुझे इसका उपयोग करना चाहिए की नहीं।

Don't worry friends मैं किस दिन काम आऊंगा। इस पोस्ट में ऑप्शन ट्रेडिंग को लेकर आपकी सारी confusion clear हो जायेगी। बस आपसे निवेदन है की इसे आखिर तक पढ़ें। तभी आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। तो चलिए दोस्तों अब बिना देरी किए जान लेते हैं की आखिर किस चिड़िया का नाम है option trading.

Option Trading क्या है? 2022 (What is Option Trading in Hindi)

Option Trading……. दोस्तों इसके नाम को अच्छे से देखिए और समझिए की इसका मतलब क्या हो सकता है। ट्रेडिंग को थोड़ा हटा दीजिए सिर्फ option को देखिए। ऑप्शन का मतलब क्या होता है, विकल्प। "Trading करने का ऐसा तरीका जिसमे आपके सामने options हो यानी विकल्प मौजूद हो। उसे ही Option Trading कहा जाता है।" 

आपने यही सुना होगा की जब मार्केट ऊपर (Up) जाता है तभी निवेशक मुनाफा कमाते और और अगर मार्केट नीचे (Down) गिर गया तो निवेशकों का नुकसान हो जाता है। लेकिन ऑप्शन ट्रेडिंग आपको मौका देता है मार्केट के ऊपर जाने पर और नीचे गिरने पर दोनो ही स्थिति में मुनाफा कमाने का। 

अगर अभी भी आपको समझ नहीं आया की ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है? तो कोई बात नहीं इसे हम एक उदाहरण द्वारा समझते है मान लीजिए की 2 दोस्त है सुरेश और रमेश। सुरेश 1 एकड़ जमीन बेचना चाहता है और रमेश उस जमीन को खरीदना चाहता है और जमीन की कीमत है 50 लाख रुपए। लेकिन रमेश के पास उस टाइम पर्याप्त पैसे नहीं होते उसके पास मात्र 5 लाख ही होते है।

ऐसे में दोनो के बीच एक Contract Sign होता है की अभी रमेश 5 लाख रूपए सुरेश के देगा और बाकी बचे 45 लाख 1 महीने बाद देगा। अब 1 महीने बाद मार्केट में बदलाव आता है यानी जमीन की कीमत 50 लाख से 70 लाख हो जाता है। तब रमेश बोलेगा "हमारे बीच तो 50 लाख की डील हुई थी, मैं 50 लाख में ही जमीन लूंगा।" इस स्थिति में सुरेश को 30 लाख का नुकसान होगा।

लेकिन अगर जमीन की कीमत 50 लाख से घट जाती है और 20 लाख रुपए हो जाती है तब रमेश बोलेगा "अरे! इसकी कीमत तो अब घट कर 20 लाख हो गई, भला मैं 50 लाख में क्यों खरीदूं। भले ही मेरा 5 लाख डूब जाए लेकिन मैं 20 लाख की जमीन 50 लाख में नहीं खरीदूंगा।" तब जाके सुरेश को 5 लाख का फायदा होगा और रमेश इस स्थिति में नुकसान में जायेगा। 

यहां एक महीने का समय Expiry Date है, जमीन शेयर्स है, जमीन की कीमत शेयर्स की कीमत है। इसी प्रकार ऑप्शन ट्रेडिंग काम करता है।

Option Trading के प्रकार (Types of Option Trading)

Option Trading आपको अधिकार देता है बुलिश और बेयरिस के आधार पर ट्रेडिंग करने का। ऑप्शन ट्रेडिंग के 2 प्रकार होते है, जिन्हे हम Call Option और Put Option कहते है। 

➡️ Call Option क्या है? (What is Call Option in Hindi)

Call Option को CE भी कहा जाता हैं। CE का वास्तविक नाम Call Option नहीं है बल्कि Call European है। यह निवेशकों को एक तय किए गए यानी निश्चित समय के अंतराल में स्टॉक्स, उत्पाद या अन्य संपति को खरीदने का मौका देता है, वो भी बिना किसी प्रतिबद्धता के। जब मूल संपत्ति का कीमत बढ़ता है, तब इसे खटीदने वालों को प्रॉफिट होता है। 

➡️ Put Option क्या है? (What is Put Option in Hindi)

जैसा की Call Option को CE कहा जाता है ठीक उसी प्रकार Put Option को भी PE कहते है। इसका भी वास्तविक नाम Put European है। Put option निवेशकों को मौका प्रदान करता है एक निश्चित अवधि के अंतर्गत स्टॉक्स, उत्पाद या अन्य संपतियों का विशिष्ट लागत पर वास्तविक सुरक्षा के मूल्य से पहले बिक्री करने का।

Option Trading का Expiry कब होता है:-

Option Trading का Expiry Date 3 महीने का होता है।

Option Trading कैसे करे:-

आपने यह तो जान लिया की ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है? परंतु अभी तक यह नहीं जाना की ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे करे? ऑप्शन ट्रेडिंग भी शेयर बाजार से जुड़ा हुआ ही है लेकिन जहां शेयर बाजार में आपको किसी कंपनी के स्टॉक्स खरीदने होते है वहीं ऑप्शन ट्रेडिंग में आप स्टॉक्स नहीं खरदते बल्कि आपको LOT खरीदना होता है।

Nifty50 का 1 LOT 75 का होता है लेकिन स्टॉक्स में यह अधिक होता है। Option Trading करने के लिए आपको सबसे पहले एक ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होगा। इसके बाद Stockbroker द्वारा दिए गए ट्रेडिंग एप्लीकेशन का Use कर आप ऑप्शन ट्रेडिंग कर सकते हैं। 

यदि आप Analysis करके अनुमान लगाते है की कोई स्टॉक नीचे जाने वाला है जिसके बाद आप उस नीचे जाने वाले स्टॉक में पैसा भी लगा देते है और वह स्टॉक सच में नीचे चला जाता है तब ऐसी स्थिति में आपको मुनाफा होगा। लेकिन अगर आपने अनुमान लगाया है की वो ऊपर जायेगा और वह नीचे चला जाता है तब आपको नुकसान होगा। 

Option Trading करने के लिए कुछ Important Terms -

➡️ Stock Symbol : Option contract से संबंधित किसी इंडेक्स / स्टॉक को परखने के लिए, पहचानने के लिए Stock Symbol के उपयोग किया जाता है।

➡️ Expiry Date : ऑप्शन ट्रेडिंग में एक्सपायरी दिनांक होता है। यानी की एक तय किए गए समय तक Option contract लागू रहेगा, Expiry Date आने के बाद यह खत्म हो जाएगा। 

➡️ Strike Price : Strike price वह प्राइस ही जिस पर आप ऑप्शन का इस्तेमाल करने में सक्षम होते है।

➡️ Premium : Option के कॉन्ट्रैक्ट को जीतने मूल्य पर खरीदा है उसे ही Premium कहते है।

कुछ महत्वपूर्ण Option Trading Strategy in Hindi: 

ऑप्शन ट्रेडिंग शेयर बाजार का काफी ज्यादा Intresting भाग है। आप जैसे जैसे इसके बारे में जानते जायेंगे आपकी भूख बढ़ती जायेगी यानी आपको ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में और भी अधिक जानने और इसे समझने का मन करेगा। एक बार जब आप इसमें महारत हासिल कर लेंगे, इसके बारे में हर चीज जन लेंगे तब आपको कोई नहीं रोक सकता नोट छापने से।

अभी मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण Option Trading Strategy in Hindi के बारे में बताने वाला हूं, जिनको आपको जरूर जानना चाहिए-

➡️ Long Straddle

Long Straddle बनाने के लिए आपको एक ही निश्चित समय और एक ही स्ट्राइक कीमत के साथ Call और Put Option खरीदना होगा। Long Straddle का उपयोग उस स्थिति में किया जाता है जब ट्रेडर (ट्रेडिंग करने वाला व्यक्ति) को यह अनुमान लगाने में परेशानी होती है की स्टॉक उपर जायेगा या नीचे। 

इसकी सबसे खास बात यह है की इसे बना लेने के बाद मार्केट चाहे ऊपर हो या नीचे जिस भी दिशा में तेज गति से जाती है ट्रेडर को अधिक से अधिक लाभ होता है। अक्सर इसका उपयोग किसी Event के मौके पर किया जाता है। क्योंकि इवेंट के समय यह अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है की स्टॉक ऊपर जायेगा या नीचे।

➡️ Long Strangle

यदि मेरे से कोई पूछेगा Option trading में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाला strategy कौन सा है, तो मैं उसको Long Strangle के बारे में ही बताऊंगा। क्योंकि इसका उपयोग अधिकतर ट्रेडर्स द्वारा किया जाता है। इसकी मदद से आप एक ही इंडेक्स / स्टॉक के लिए 2 अलग अलग स्ट्राइक मूल्य और एक ही समय में समाप्त तिथि के साथ Call option और Put option खरीद सकते हैं। (Option Trading kya hai)

इसका उपयोग भी उस स्थिति में होता है जब ट्रेडर द्वारा ठीक तरीके से अनुमान नहीं लग रहा होता है, की स्टॉक / इंडेक्स की कीमतें अब किस दिशा में जाने वाली है। Long Straddle और Long Strangle काफी हद तक एक दूसरे से मिलते जुलते है। लेकिन इनमें यही फर्क है की Long Straddle में हमे ATM Strike Price के Call और Put option खरीदने को मिलता है।

और Long Strangle में हमें OTM Strike Price के Call और Put option खरीदने को मिलता है। जानकारी के लिए आपको यह भी बता दें की Long Strangle, Long Straddle के मुकाबले कम जोखिम भरा होता है और इसमें मुनाफा भी कम होता है। 

Option Trading Tips in Hindi for Beginners

दोस्तों option trading करने के लिए कुछ सावधानियां भी बरतना होता है, बिना सावधानी बरते इससे पैसा कमाना मुमकिन नहीं। हम अब आपको Option Trading Tips in Hindi for Beginners के बारे में बताने वाले है। आप ट्रेडिंग करते समय इन बातों का अवश्य ध्यान रखें -

➡️ सही strike price को चुने

आप हमेशा ऐसी strike price को चुने जिसका आप अनुमान लगा सके की उसकी कीमत यहां तक जा सकती है। अगर प्राइस आपके अनुमान लगाए गए कीमत तक नहीं पहुंची तो आपको थोड़ा बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है।

➡️ Option trading में risk का मैनेजमेंट

ऑप्शन ट्रेडिंग में भले ही लाभ अधिक होता है परंतु नुकसान होने की संभावनाएं भी बहुत अधिक रहती है। यह बहुत जोखिम भरा होता है इसलिए रिश्क का मैनेजमेंट काफी जरूरी है। अगर आपको रिश्क मैनेजमेंट समझ नहीं आया तो कोई बात नहीं हम इसे आपको एक उदाहरण द्वारा समझाते है। 

मान लीजिए की आप एक घने जंगल में अकेले फंसे हुए है, जंगल में काफी भयानक भयानक जीव मौजूद है, जो आपकी जान भी ले सकते हैं। ऐसे में इस स्थिति में आप केवल तब ही जीवित रह सकेंगे जब आपको जंगल में सरवाइव करना आता हो। अन्यथा आपको कोई चमत्कार ही बचा सकता है।

इसी प्रकार ऑप्शन ट्रेडिंग भी है। जब तक आपको इसमें सरवाइव करना नहीं आएगा तब तक आप नुकसान में जाते जायेंगे। एक बार जब आप इसमें सरवाइव करना सीख जाएंगे आप इससे पैसे कमाने लग जायेंगे। 

➡️ पैसे के बारे में आपकी सोच का ऑप्शन ट्रेडिंग पर असर

आप पैसों के बारे में कैसे सोचते है, यह भी ऑप्शन ट्रेडिंग पर काफी ज्यादा असर डालता है। यह आपके ऑप्शन ट्रेडिंग करने के तरीके पर प्रभाव दिखाता है। आपको सबसे पहले यह तय करना होगा की आपके ट्रेडिंग करने का उद्देश्य क्या है। उसके बाद ही आपको ट्रेडिंग करना चाहिए।

Option Trading के फायदे (Benefits of Option Trading in Hindi)

जैसा की आप सभी लोग जानते ही होंगे की हर चीज के 2 पहलु होते है एक अच्छा और दूसरा बुरा। ठीक उसी प्रहार ऑप्शन ट्रेडिंग के भी 2 पहलु होते है। इससे जितना अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है, उतना ही नुकसान भी होता है। ऑप्शन ट्रेडिंग के निम्नलिखित लाभ है -

  • ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको flexibility के साथ साथ liquidity भी मिलता है। 
  • ट्रेडिंग करने के अन्य तरीके की तुलना में ऑप्शन ट्रेडिंग आपको कम धन राशि के साथ ट्रेडिंग करने का मौका देता है।
  • आप इसमें हेंजिग का भी उपयोग कर सकते हैं यानी मार्केट में होने वाले up और down में नुकसान होने से आप बच सकते हैं।
  • इसका इस्तेमाल आएमकिसी भी मार्केट कंडीशन में किया जा सकता है। 

Option Trading के नुकसान (Disadvantages of option trading in Hindi)

यदि ऑप्शन ट्रेडिंग में नुकसान की ओर नज़र डाला जाए तो इससे होने वाले नुकसान भी कम नहीं है। ऑप्शन ट्रेडिंग के निम्न नुकसान है-

  • ऑप्शन ट्रेडिंग किसी भी कंपनी के स्टॉक्स या ETF खरीदने के तुलना में ज्यादा रिस्की होता है।
  • कोई स्टॉक उपर जायेगा या नीचे इसकी भविष्यवाणी करना मुश्किल होता है। यदि आप भविष्यवाणी कर भी लेते है और वो गलत हो जाता है तब आपको नुकसान हो सकता है।
  • इसमें किसी भी कंपनी के स्टॉक्स का विश्लेषण करना काफी ज्यादा मुस्किल होता है।

Conclusion (Option Trading क्या है?)

तो दोस्तों आपने इस पोस्ट में जाना की ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है? ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे करे? ऑप्शन ट्रेडिंग के प्रकार आदि बातों के बारे में। उम्मीद करता हूं की आप लोगों को यह पोस्ट अच्छी लगी होगी साथ ही काफी कुछ नया सीखने को। भी मिला होगा। लेकिन यदि आप ऑप्शन ट्रेडिंग करना चाहते हो और इसमें नए हो तो आपको इसमें कम पैसों से शुरू करना चाहिए।

क्योंकि शुरू में आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लेकिन यदि आप इसके बारे में अच्छे से सिख के ट्रेडिंग करते है, तो आपको नुकाना बहुत ही कम होगा। आप कम समय में ही अधिक मुनाफा अर्जित कर सकते हैं। मैने आपको इस पोस्ट में ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में हर चीज बताया है। साथ ही आशा करता हूं की आपके मन में ऑप्शन ट्रेडिंग के प्रति जितने भी क्वेश्चंस होंगे उनके आंसर्स आप सभी को मिल गए होंगे।

आखिर में आपसे मेरी यही विनती रहेगी की इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें, इससे हमें मोटिवेशन मिलेगा वो हम इसी तरह की अन्य हेल्पफुल जानकारियां आपके लिए लाते रहेंगे। साथ ही सोसल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook, Twitter, Linkedin, Telegram और Whatsapp पर भी शेयर करें। ताकि अन्य लोगों को भी पता चल सके की आखिर ये ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है?

धन्यवाद!

हमेशा सीखते रहिए ❤️

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