शेयर खरीदते समय इन 8 बातों का रखें ध्यान, नहीं खाएंगे गच्चा, कमाएंगे अधिक मुनाफा - Master Eyes

Hi Friends, आपका एक बार फिर से हमारे इस ब्लॉग में स्वागत है। आज हम बात करने वाले है शेयर बाजार के बारे में यानी हम जानेंगे की शेयर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?, शेयर खरीदने से पहले क्या करना चाहिए? आदि।

शेयर खरीदते समय इन 8 बातों का रखें ध्यान, नहीं खाएंगे गच्चा, कमाएंगे अधिक मुनाफा
शेयर खरीदते समय इन 8 बातों का रखें ध्यान, नहीं खाएंगे गच्चा, कमाएंगे अधिक मुनाफा

दोस्तों शेयर बाजार काफी अच्छा जरिया है घर बैठे पैसे कमाने का। इसमें आपको काम नहीं करना पड़ता, बल्कि अपने पैसों को काम में लगाना पड़ता है। 

लोग इसमें मुनाफा कमाने के इरादे से ही इन्वेस्ट करते है, हालांकि वे मुनाफा कमाते है लेकिन उन्हें कई बार नुकसान का सामना भी करना पड़ता है। वैसे तो शेयर बाजार में नुकसान होना आम बात है।

लेकिन कई लोग इस नुकसान से बचना चाहते है। यदि आप भी एक निवेशक है और आपको भी कभी इसमें नुकसान हुआ है और आप इस नुकसान से बचना चाहते है, तो इस पोस्ट को आखिर तक पढ़िएगा। 

निवेशक चाहे शेयर बाजार में नया हो या कितना भी एक्सपर्ट क्यों न हो जाए सभी को नुकसान होता है। बड़े से बड़े निवेशक भी कई बार loss में चले जाते है।

लेकिन उनके साथ ऐसा बहुत कम होता है, रही बात नए निवेशक की तो वे अक्सर कुछ गलतियां करते है जिसके चलते उन्हे शेयर बाजार में गच्चा खाना पड़ जाता है। 

आज मैं आपको ऐसे ही कुछ Tips दूंगा, जिनकी मदद से आप शेयर बाजार में होने वाले नुकसान से अपने आप को बचा सकते हैं। इन तरीकों का काफी बड़े बड़े निवेशक भी इस्तेमाल करते है। 

आपको इसके बारे में जरूर जानना चाहिए। इसके लिए आपसे निवेदन है की इस पोस्ट को आखिर तक पढ़ें और हमारे साथ जुड़ने के लिए सोसल मीडिया पर हमे फॉलो भी करे, आपको हमारे सोसल मीडिया अकाउंट का लिंक नीचे मिल जायेगा।

Share खरीदने से पहले क्या करना चाहिए? 

दोस्तों मैं आपको हमेशा यही बताता हूं की आप जब शेयर खरीदते है तो आप केवल उस शेयर में निवेश नहीं कर रहे होते बल्कि शेयर के माध्यम से उस कंपनी में भी निवेश कर रहे होते हैं। 

आपका पैसा तभी बढ़ पाएगा जब आपने जिस कंपनी में निवेश किया है उसका मुनाफा बड़े यानी उसका बिजनेस अच्छे से ग्रो होने लगे।

आपको शेयर खरीदने से पहले कंपनी का फुंडामेटल एनालिसिस करना पड़ता है, रही बात टेक्निकल एनालिसिस की तो इसे वह लोग करते है जो ट्रेडर्स होते है मतलब की ट्रेडिंग करने वाले व्यक्ति। 

आप इस पोस्ट को पढ़ रहे है इसका यही मतलब है की आप जरूर मेरी तरह ही शेयर बाजार में निवेश करते होंगे, आप भी एक इंवेस्टर है।

आपको शेयर खरीदने से पहले कंपनी का अच्छी तरह से फंडामेटल एनालिसिस करना है। अब आपके मन में सवाल होगा की चलो ठीक है हम ऐसा करेंगे लेकिन कैसे करेंगे? चलिए अब जानते है की किसी भी कंपनी का फंडामेंटल विश्लेषण कैसे किया जाता है? 

स्टॉक में निवेश करने का Technic (Technic for Investing in Stocks in Hindi)

आपके लिए मैने एक चेकलिस्ट तैयार किया है, आप शेयर खरीदने से पहले इन सभी फैक्टर्स का अच्छी तरह से ध्यान रखें, ताकि आप नुकसान से बच सके। साथ ही आपको यह भी पता चलेगा की शेयर खरीदने से पहले किसी भी कंपनी का फंडामेंटल विश्लेषण कैसे किया जाता है? 

1. कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझने की कोशिश करें

शेयर खरीदते समय हमे कंपनी के बिजनेस मॉडल को भी समझना चाहिए, यह काफी ज्यादा जरूरी है। बिजनेस मॉडल का मतलब होता है "कंपनी पैसा कैसे कमाती है" किसी भी कंपनी के शेयर में पैसा लगाने के पूर्व आपको उस कंपनी का पूरा बिजनेस मॉडल पता करना चाहिए। 

ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि मार्केट में जब कंपनी कोई नया प्रोडक्ट या सर्विस लॉन्च करती है, तो उसके Share Price काफी ज्यादा ऊपर नीचे होते रहते है।

और ऐसी स्थिति में यदि आपको कंपनी का बिजनेस मॉडल पता नहीं रहेगा तो आप नही समझ पायेंगे की ऐसा क्यों हो रहा है? लेकिन अगर आपको कंपनी के बिजनेस मॉडल के बारे में जानकारी होगा तो, शेयर के भाव कम होने और ज्यादा होने पर भी आपको कोई आश्चर्य नहीं होगा। 

साथ ही कंपनी अपने हर 3 महीने में क्वार्टरली रिजल्ट घोषित करती है। उसमें भी सेल्स और रिवेन्यू के बारे में काफी कुछ बताया जाता है। 

इस क्वार्टरली रिजल्ट को देखकर ही निवेशक उस कंपनी के शेयर को खरीदने और बेचने का डिसीजन लेते हैं। सभी कंपनी के शेयर प्राइस ज्यादातर उसके क्वार्टरली रिजल्ट पर ही निर्भर रहती है। हम इसे एक उदाहरण द्वारा समझने की कोशिश करते है। 

मान लीजिए की कोई कंपनी है जो वाहन बनाती है और उस कंपनी का नाम XYZ है, आपने उसमे निवेश किया है। आप ऊपर ऊपर से यह तो जानते ही हैं कि यह कंपनी वाहन निर्माता कंपनी है।

लेकिन आपको कंपनी क्या काम करती है के अलावा भी और कुछ चीजों के बारे में जानना होता है। कंपनी क्या काम करती है सिर्फ यही जानकर आप उसमे निवेश नहीं कर सकते, ऐसा करने से आप काफी ज्यादा नुकसान में जा सकते है। आप इन चीजों को शेयर खरीदने के पूर्व कंपनी में देख सकते हैं- 

  • कंपनी और कौन कौन सा Product बेचती है?
  • कंपनी के प्रतियोगी कंपनियां कौन कौन से है, अपने प्रतियोगी कंपनियों के तुलना में इस कंपनी का ग्रोथ कैसा हो रहा है?
  • सबसे ज्यादा मार्जन कौनसे प्रोडक्ट में है?
  • सरकार के कौन से ऐसे नीतियां है जो कंपनी के सेल्स और बिजनेस पर असर डालती है? (इसके लिए कंपनी के Past Histry और Records को देखें)
  • क्या कंपनी कंसिस्टेंट तरीके से बिजनेस कर रही है?
  • कंपनी जब नया प्रोडक्ट लॉन्च करती है, तब उसको किन मुस्किलों का समाना करना पड़ता है।
  • क्या अपने जिस कंपनी का शेयर खरीदा है, उसका बिजनेस मॉडल कोई और कंपनी कॉपी कर रही है या इसी कंपनी ने किसी और का बिजनेस मॉडल कॉपी किया है?
  • कंपनी जिस सेक्टर में काम करती है इस सेक्टर में नंबर वन कंपनी कौन सी है?

इसके अलावा भी कई चीजों को देखना होता है। जब आप कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझेंगे तब आपको खुद ब खुद कंपनी के बारे में सभी जानकारियां मिलने लगेंगी।

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2. पता करें की कंपनी पर अधिक कर्जा तो नहीं है?

आपने News में या Social Media में कभी न कभी यह तो पढ़ा ही होगा की किसी कंपनी ने काफी ज्यादा कर्जा लिया था और कर्जा न चुका पाने के कारण वह कंपनी पूरी तरह से डूब गया इसके साथ ही निवेशकों का भी पैसा डूब गया। 

आपको ऐसे कंपनियों के लिस्ट Google में थोड़ा बहुत सर्च करने पर मिल जायेगी। दोस्तों मैं आपको यही सलाह दूंगा की ऐसे कमोनियों से बच के रहें। 

अगर आप इन कम्पनियों में निवेश कर देते है, तो ज्यादातर यही चांस रहेगा की आपके।पैसे डूब जायेंगें। इनमे बहुत ज्यादा रिस्क होता है। इसलिए जब आपको कोई ऐसे कम्पनी मिले जिसके ऊपर काफी अधिक कर्जा हो और वो अच्छे तरीके से उसे न चुका पा रही हो तो उस कंपनी से दूर रहे। 

अब आपको ऐसा लग रहा होगा की कंपनी कर्जा लेती है, तो क्या कर्जा लेना गलत है और कर्जयुक्त कंपनी में निवेश करना भी गलत है, तो ऐसा नहीं है कर्जा लेना बिलकुल भी गलत नहीं है। 

अपना विस्तार करने के लिए कंपनिया अक्सर कर्जा लेती है लेकिन अगर debt या कर्जे को सही जगह पर कंपनी नहीं लगाती है, तो यह गलत बात है। कर्जा लेना सही है लेकिन उसे सही जगह इन्वेस्ट भी करना चाहिए, तब जा के कंपनी और निवेशक को फायदा होगा। 

इसे आप इस प्रकार भी समझ सकते है की किसी कंपनी ने किसी बैंक से या अन्य किसी बड़े इन्वेस्टर से नया प्रोडक्ट बनाने के लिए लोन लिया और कर्ज मिलने के बाद वह कंपनी अब नया प्रोडक्ट नहीं बना रही बल्कि कर्जे के पैसे को मार्केटिंग पर ही खर्च करती है तो यह सही नहीं होता है। 

क्योंकि जिस मकसद से कंपनी कर्ज लेती है, सिर्फ उसी उद्देश्य को कर्ज के पैसे से पूरा करना चाहिए, ना कि अपनी अन्य जरूरतों को पूरा करना चाहिए।

लेकिन अगर कंपनी के पास एक्स्ट्रा कैश पडा हो तब कंपनी इन पैसों को मार्केटिंग में इस्तेमाल कर सकती है। साथ ही कंपनी अपने अन्य खर्चों को भी इन पैसों से पूरा कर सकती है।

3. बैलेंस शीट और फाइनेंसियल हेल्थ/फंडामेंटल देखें

जब आप किसी भी कंपनी के फंडामेंटल और बैलेंस शीट को पड़ते है तो आपको उसकी फाइनेंशियल हेल्थ यानी की वित्तीय स्थिति का पता चलता है। बैलेंस शीट से आपको कंपनी के पास टोटल कितना कैश मौजूद है यह तो पता चलता ही है साथ में कंपनी के पास कितने असेट्स ओर लायबिलिटीज मौजूद हैं, यह भी पता चलता है।

इसीलिए आपको किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसके बैलेंस शीट और फंडामेंटल को एक बार जरूर चेक करना चाहिए। 

अब यदि आपके मन में यह सवाल होगा की ये एसेट्स और लायबिलिटीज क्या है, तो आपको मैं बता दूं की एसेट्स उसे कहते है जहां से पैसा आता है और इसकी कीमत बढ़ती रहती है। रही बात लायबिलिटीज की, तो यहां से पैसा नहीं आता बल्कि इसमें आपको उल्टा और पैसा लगाना होता है।

जैसे की आप अपने लिए कार खरीदते है, तो उस कार से आपको पैसा नहीं आएगा बल्कि आपको डीजल वगैरा के लिए भुगतान करते रहना होगा, इसे लायबिलिटीज कहेंगे। अब यदि आप एक घर बनाते है और उसे किराए पर देते है, तो इस स्थिति में आपके पास पैसा आते रहेगा। 

आपको अपने घर में केवल एक बार ही इन्वेस्ट करना होगा। इसे एसेट्स कहते है।

4. कंपनी कितनी पुरानी है, इसका पता करें।

हमारे समाज में जो बुजुर्ग व्यक्ति होते है उनके पास हमसे कहीं गुना अधिक अनुभव और एक्सपीरियंस होता है। ठीक इसी प्रकार कंपनी जितनी पुरानी होगी उसके पास उतना ही अधिक एक्सपीरियंस होगा। 

अगर आप पुरानी कंपनियां जैसे बजाज ग्रुप या टाटा ग्रुप की किसी कंपनी के स्टॉक्स में निवेश कर देते हैं, तो आपके अच्छे रिटर्न कमाने के चांसेस काफी बढ़ जाते है। 

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि टाटा और बजाज ग्रुप काफी पुरानी कंपनियां है और इनका एक्सपीरियंस मार्केट में बहुत पहले से है। इन्होंने ने शुरू से अभी तक मार्केट में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखे हैं और उनसे काफी कुछ सीखा भी है। 

जिसके चलते नई कंपनियों की तुलना में इनके पास अधिक एक्सपीरियंस है। नई कंपनीयां अक्सर ज्यादा मुसीबतों का सामना नहीं किए होते है। इस कारण उन्हे बिजनेस चलाने का एक्सपीरियंस भी कम होता है। 

इसीलिए आपको किसी नई कंपनी के बजाय ऐसी कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहिए जो मार्केट में काफी लंबे समय से चल रही हो। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता कभी कभी न्यू कंपनियां भी कम समय में धमाल मचा देती है। 

जो निवेशक शेयर बाजार में नए है उन्हे पुरानी कंपनी जिनका शेयर प्राइस कम हो उनमें निवेश करना चाहिए। क्योंकि शुरुआत में नए निवेशक अक्सर गच्चा खा जाते है। 

धीरे धीरे जब वे नुकसान और मुनाफे से गुजरते जायेंगे उन्हे शेयर बाजार के बारे में काफी गहराई से पता चलते जायेगा। जिसके बाद वे न्यू कम्पनी जिनका भविष्य में डिमांड हो सकता है उनमें भी निवेश करके देख सकते हैं।

5. कंपनी के इंपोर्टेंट फाइनेंसियल रेश्यो के बारे में पता करें

कंपनी के बारे में रिसर्च करते समय उसके काफी सारे फाइनेंशियल रेश्यो के बारे में देखना होता है जैसे की - 

इनके अलावा भी और काफी सारे रेश्यो मौजूद हैं जो आपको कंपनी के फाइनेंशियल एनालिसिस करते समय देखना चाहिए। शेयर खरीदने के पूर्व यदि आप इन सभी फाइनेंसियल रेश्यो को देखते हैं तो आपको इससे पता चलेगा कि कंपनी की फाइनेंसियल स्थिति किस प्रकार है।

मतलब की कंपनी का को बिजनेस है वो कितना मजबूत है या फिर कंपनी बेवजह का दिखावा तो नहीं कर रही है। जानकारी के लिए बता दें की हर फाइनेंसियल रेश्यो का एक अलग इंपॉर्टेंस होता है जैसे की PE Ratio से हम किसी शेयर के वास्तविक मूल्य का पता लगा सकते हैं। 

Debt to Equity Ratio बताता है कि इक्विटी की तुलना में कंपनी पर कर्जा अधिक है या कम।

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6. कंपनी के मैनेजमेंट पर एक नजर जरूर डालें।

शेयर खरीदने से पहले उस कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस करना काफी ज्यादा जरूरी होता है. इसके लिए आपको यह देखना होगा की कंपनी के प्रमोटर्स और सीईओ कौन है साथ ही इनके बारे में जानकारी भी हासिल करे। 

आप जितना अधिक इनके बारे में जनोगेज आपके लिए सही रहेगा। इसे हम टाटा ग्रुप के उदाहरण द्वारा समझने की कोशिश करते हैं-

  • टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा के बारे में आज कौन नहीं जानता, बड़े से बड़े बिजनेसमैन भी इनके आगे सर झुकाते है। सभी को मालूम है की इनका व्यक्तित्व अच्छा है और ये एक काबिल बिजनेसमैन है। जिसके चलते इनकी कंपनी में लोगों का भरोसा भी अधिक है।
  • इसी तरह ही अगर मुकेश अंबानी आज कोई नई कंपनी भी शेयर मार्केट में लिस्ट कर दें, तो उसमें मैनेजमेंट एनालिसिस करने की कोई जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि अंबानी के ऊपर पहले से ही सभी को काफी अधिक भरोसा है।
  • इसी प्रकार इंफोसिस कंपनी के मालिक नारायणमूर्ति की बात करें तो, उनका व्यक्तित्व भी सबको पता है लोग इन्हें काफी पसंद और उनके ऊपर काफी अधिक भरोसा करते हैं।

लेकिन अगर आप किसी ऐसी कंपनी में निवेश करते है जिसके मैनेजमेंट के बारे में आपको कोई भी जानकारी नहीं है तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए आपको निवेश के पूर्व कंपनी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करना है क्योंकि जिस कंपनी का बिजनेस मैनेजमेंट स्ट्रॉन्ग रहता है वही मार्केट में टिक पाता है। 

आप हिस्ट्री को हो देख सकते है, बीते समय ऐसा कई बार देखने को मिला है कि कंपनी के फंडामेंटल, बैलेंस शीट और फाइनेंसियल रेश्यो काफी बढ़िया थे। 

जिसके चलते लोगों ने उन कंपनियों में जानकर पैसा लगाया, लेकिन वे सभी उन कंपनियों के मैनेजमेंट पर ध्यान देना भूल गए, अब आप ही सोचिए उनके साथ क्या हुआ होगा। आखिर में कुछ समय बाद ही ये सभी कंपनियां लोगों के पैसा लेकर फरार हो गई।

इसलिए आपसे निवेदन है की आप जब भी किसी कंपनी में कोई बड़ा रकम लगाने का विचार कर रहे हो, तब उसके बिजनेस मैनेजमेंट को बारीक से समझें।

7. कंपनी कौनसे सेक्टर में काम करती है? इसका पता करें।

कंपनी कौनसे सेक्टर में काम करती है यानी की कंपनी किस कैटेगरी के प्रोडक्ट बनाती है, इसका पता करना भी बहुत ही जरूरी है। दोस्तों अब आपको भले ही ऐसा लग रहा होगा की "एक कंपनी में निवेश करने से पहले उसके बारे में इतना कुछ जानना होता है, यार ये तो बहुत झंझट वाला काम है।" लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। 

आप इन सभी जानकारी को Google के माध्यम से कुछ ही मिनट में हासिल कर सकते हैं। आपको बस गुगल में सर्च करना है कंपनी के बारे में, उसके बाद आपके सामने सभी जानकारी आ जायेगी। 

आप यदि Reliance industries में निवेश करना चाहते है, तो गूगल में सर्च कर सकते है Reliance Share Price Target - Master Eyes

आप इसी तरह जिस भी कंपनी में निवेश करना चाहते है उसके बारे में सर्च कर सकते है साथ ही साइड में Master Eyes भी लिख सकते है। क्योंकि यह हमारी वेबसाइट है और हम इस पर शेयर मार्केट से रिलेटेड काफी सारी जानकारी पोस्ट करते रहते है। 

हम बात कर रहे थे की कंपनी कौनसे सेक्टर में काम करती है इसका पता करना भी अनिवार्य है। जैसे की - 

  • कंपनी जिस सेक्टर में काम कर रहे है उस सेक्टर में सबसे आगे कौन सी कंपनी है?
  • उस सेक्टर में सबसे मजबूत शेयर कौन सी कंपनी का है?
  • क्कंपनी के पास कोई कंपटीशन एडवांटेज है भी या नहीं, जिसको अन्य कंपनी अप्लाई नहीं कर सकती।

इसी प्रकार बजाज कंपनी के पास उनका डाटा ही उनका कंपटीशन एडवांटेज यानी Moat है जो किसी दूसरे कंपनी के पास नहीं है। जिसके चलते इंडिया में बजाज फाइनेंस ने अन्य कंपनियों की तुलना में ज्यादा रिटर्न दिया हैं। 

इसीलिए किसी भी शेयर को खरीदने के पूर्व यह देखना काफी जरूरी है की क्या उस कंपनी के पास कोई ऐसा कंपटीशन एडवांटेज या प्रोटेक्शन है जिसे उस सेक्टर के अन्य कंपनी अप्लाई नहीं कर सकते। 

अगर इसका जवाब हां में आता है, तो काफी ज्यादा चांसेस है की वह कंपनी फ्यूचर में अच्छी ग्रोथ कर सकती है और रिटर्न भी काफी अधिक दे सकती है। इसीलिए किसी भी शेयर में निवेश करते समय कंपनी के सेक्टर और अपोनेंट की तुलना भी करें।

8. कंपनी का भविष्य कैसा रहेगा, कंपनी ने भविष्य के लिए कैसी योजनाएं बनाई है? यह भी देखें।

जब आप किसी कंपनी के भविष्य की योजनाओं के बारे में जानेंगे तब आपको पता चलेगा की कंपनी का पोटेंशियल कितना है? कंपनी जो भविष्य में करने वाली है वो सही है या गलत, क्योंकि आप भविष्य के देखते हुए ही किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते है। 

ऐसे में इसके बारे में जानना बहुत ही जरूरी है। आप एक डिजिटल युग में जीते है और यह देख ही सकते है की पहले के मुकाबले अब लोगों की जिंदगी कैसी है! पहले साइकिल, रिक्शा ये सब चलती थी, उसके बाद पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन आए लेकिन अब धीरे धीरे मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों का कब्जा हो रहा है।

क्योंकि पेट्रोल और डीजल एक प्राकृतिक संसाधन है जो लगातार कम हो रहे है ऐसे में उनकी कीमत काफी ज्यादा बढ़ते जा रही है।

जिसे देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को मार्केट में उतारा गया। लोगों ने इसे काफी ज्यादा पसंद भी किया है। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे। अब अगर कोई कंपनी अभी इसके ऊपर काम शुरू कर देती है तो जाहिर सी बात है भविष्य में वो काफी अच्छी बिजनेस करेगी और अपने निवेशकों को बंपर रिटर्न देगी।

9. शेयर होल्डिंग पैटर्न एक बार चेक कर लें।

किसी शेयर में किन- किन शेरहोल्डर्स ने निवेश किया है उसे ही शेयर होल्डिंग कहा जाता हैं। दोस्तों कम से कम 40 से 50% शेयर होल्डिंग तो प्रमोटर्स के पास होनी ही चाहिए अगर इससे और ज्यादा हो, तो यह भी काफी बढ़िया है। 

अच्छे मजबूत शेयर में सबसे अधिक शेयर होल्डिंग कंपनी के प्रमोटर्स के पास तो होनी ही चाहिए। साथ ही आपको किसी विषय को खरीदने के पहले उसमें म्युचुअल फंड यानी कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर जिसे हम DII भी कहते है इनकी होल्डिंग भी चेक करना चाहिए। 

इसके अलावा अगर आपको कोई ऐसा शेयर मिल जाता है जिसके विदेश के इन्वेटर्स ने इन्वेस्ट किया है, तो यह और भी अच्छी बात है।

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10. डिविडेंड हिस्ट्री पर एक नजर डाल लें।

शेयर मार्केट में लिस्टेड सभी कंपनी डिविडेंड नहीं देती है, बल्कि कुछ ही कंपनियां डिविडेंड देती हैं। यदी आपको नहीं पता की डिविडेंड क्या होता है, तो मैं बता दूं की डिविडेंड वह पैसा होता है जिसे कंपनियां अपने Share Holder को अपने मुनाफे के कुछ प्रतिशत में से बांटती हैं।

आपको क्जानकर आश्चर्य होगा की भारत के सबसे अमीरों की लिस्ट में शुमार मुकेश अंबानी की एक महीने की सैलरी महज 2 से 3 करोड़ रुपए है। बौजुद इसके वो इतने अमीर है। ऐसा सिर्फ और सिर्फ डिविडेंड के चलते ही मुमकिन हो पाया है। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज का अधिकतर हिस्सा यानी इक्विटी मुकेश अंबानी के पास ही मौजूद है और यही इक्विटी उन्हे डिविडेंड के रूप में हर महीने हजार करोड़ से भी ज्यादा की इनकम देती है।

अब आप समझ ही गय होंगे की डिविडेंड क्या है और यह जरूरी क्यों है?

11. सर्किट लगने वाले शेयरों से बचके रहें।

अगर आप शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते हैं, तो आपको शेयर बाजार में लगने वाले सर्किट के बारे में पता होगा। सामान्यतः किसी Stock में 5 से 20% तक के अपर सर्किट या लोअर सर्किट लगते हैं। लेकिन ऐसा सभी स्टॉक्स में नहीं होता बल्कि अधिकांश बार पेनी स्टॉक्स में ही देखने को मिलता हैं।

जो स्टॉक्स शेयर मार्केट में नए होते है और उनके भविष्य में बढ़ने के चांस रहते है उन्हे ही पेनी स्टॉक कहा जाता है। इनमे सर्किट इसलिए लगता है क्योंकि ये छोटे और काफी सस्ते होते है जिसके चलते इन स्टॉक्स को कोई भी बड़ा इन्वेस्टर बड़ी आसानी से Manipulate कर सकता है। 

मतलब उसमें काफी सारा पैसा एक साथ लगाकर इसमें अचानक से तेजी ला सकता है और जब इन स्टॉक्स पर छोटे निवेशकों की नजर पड़ता है, तब उन्हे लगता है की अब यह शेयर प्राइस बढ़ रहा है तो उन्हें भी इसने पैसा इन्वेस्ट कर देना चाहिए। 

फिर वो इन्वेस्ट भी कर देते है और इसी प्रकार बहुत सारे नए निवेशक ऐसी ऑपरेटर स्टॉक्स का शिकार हो जाते हैं। लेकिन इसके बाद जब ऑपरेटर यानी जिसने इसमें शुरुआत में काफी अधिक पैसा लगाया था, उसे उसके शेयर प्राइस काफी ज्यादा बढ़े हुए नजर आते है, तो वह अपने खरीदे गए सभी शेयर एक बार में ही बेच देता है।

इससे जो नए और छोटे निवेशक होते है उन्हे बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए आपसे निवेदन है कि सर्किट लगने वाले शेयरों से बचके रहें।

12. सही कीमत पर शेयर खरीदें

आप जितनी रकम देने में सक्षम होते है उतने में ही आपको स्टॉक्स खरीदना चाहिए। लालच में आकर स्टॉक्स का सही मूल्य चेक किए बिना उसे खरीदना आपको काफी ज्यादा भरी पढ़ सकता है। आपको अपने बजट के अनुसार स्टॉक्स का चयन करके उसे सही समय पर खरीदना है। 

ताकि आपको कुछ समय पश्चात अच्छा रिटर्न मिल सके। कभी कभी आपको मार्केट में ऐसे स्टॉक्स मिलेंगे जिनकी वास्तविक मूल्य कही कम होगी और आपको वे काफी अधिक मूल्य नजर आ रहे होंगे। 

आप P/E Ratio की सहायता से बड़ी आसानी से किसी भी कंपनी के स्टॉक्स के सही कीमत निकाल सकते है। इसके लिए आप गुगल में सर्च कीजिए की P/E Ratio क्या है - Master Eyes.

P/E Ratio क्या है के बाद Master Eyes लिखना न भूलें, इससे आप सभी वेबसाइट पर जा पाएंगे।

13. सेबी के नियमों का पालन करें

शेयर मार्केट की रेगुलेटरी बॉडी ने शेयर खरीदने और बेचने के नियमों में 1 सितंबर 2022 को काफी ज्यादा बदलाव किया। जैसे की हर चीज के 2 पहलु होते है वैसे ही इस बदलाव के भी 2 नतीजे सामने आए, एक तो ये की इससे निवेशकों की सुरक्षा बढ़ी और वहीं दूसरी तरफ शेयर खरीदना मुश्किल हो गया। 

जब कार्वी ऑनलाइन ने शेयर बाजार में घोटाला किया था उसके बाद ही सेबी द्वारा लगी सारे नियम बनाए गए, जिसका पालन सभी निवेशकों को करना होता है। 

दोस्तों आपको सेबी के इन नियमों के बारे में जरूर पता होना चाहिए, इसके बिना शेयर बाजार में कदम रखना काफी मुश्किल है। कुछ वर्षों पहले तक निवेशक अपने Broker से पॉवर ऑफ अटॉर्नी लेते थे। 

लेकिन ब्रोकर उनके स्टॉक्स के साथ मनमानी किया करते थे और निवेशकों के सहमति के बिना ही शेयर्स का इस्तेमाल करते थे।

लेकिन अब सेबी के नए नियम में शेयर आपके डीमैट अकाउंट में ही रहेंगे और वहीं पर क्लियरिंग हाउस प्लेज मार्क करेगा। इस तरह ब्रोकर के पास आपके एक भी शेयर नहीं जाएंगे।

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शेयर में निवेश करने से पहले कौन-कौन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

शेयर बाजार में निवेश करने से पहले क्या करना चाहिए? इसके बारे में आपने जान लिया। अब आप जानेंगे शेयर में निवेश करने से पहले कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए? इन तरीकों को ध्यान से पढ़िएगा, ये आपको काफी ज्यादा मदद करेंगी शेयर बाजार से पैसे कमाने में।

1. समझदारी से शुरुआत करें

दोस्तों यदि आपको शेयर मार्केट यानी शेयर बाजार के बारे मे अधिक जानकारी नहीं है, तो आपको बहुत ही कम पैसों से शुरुआत करना चाहिए। आपको शुरुआत में बहुत ही कम पैसे इन्वेस्ट करने है, इससे आप अधिक नुकसान होने से बच सकते है। 

साथ ही शुरू में लंबे समय के लिए निवेश न करे, जैसे ही प्रॉफिट होता है वैसे ही अपने पैसे तुरंत निकाल ले। 

क्योंकि इससे आपको यह तो पता चल ही जाएगा की शेयर बाजार से पैसे कैसे कमाए और यह काम कैसे करता है? अगर आप शुरुआती समय में ही इसमें अधिक निवेश करेंगे तो ज्यादा चांसेस है की आपका अधिक नुकसान हो जाएगा। आपको यहां छोटी-छोटी रकम से समझदारी के साथ पैसा लगाना है।

2. हमेशा Update रहें

किसी शेयर में कान उछाल आ सकता है या कौनसा शेयर कब नीचे गिर सकता है, इन सभी चीजों के बारे में भी आपको मालूम होना ही चाहिए। इसके लिए न्यूज चैनल वाले को फॉलो कर सकते है। 

आप ऐसा भी कर सकते है की इंस्टाग्राम पर हमारे पेज को फॉलो कर लीजिए। क्योंकि वहां पर हम रोजाना शेयर मार्केट से जुड़ी हुई काफी सारे न्यूज हम पब्लिश करते है।

आप इस लिंक पर क्लिक करके हमारे पेज को फॉलो कर सकते हैं। आपको शेयर बाजार में टिके रहने के लिए हमेशा Update रहना होगा क्योंकि शेयर बाजार बहुत ही रिस्की है, इसमें जोखिम भी काफी ज्यादा है। 

आपको मार्केट में कई ऐसे शेयर्स भी दिखेंगे जिसमे अचानक से काफी अधिक उछाल आ गई और ऐसे शेयर ऐसे भी होंगे जिसमे अचानक से काफी गिरावट हुई हो।

आपके पास इन सभी चीजों की जानकारी जरूर होना चाहिए। 

3. भविष्य को ध्यान में रखते हुए निवेश करें

भविष्य को ध्यान में रखने का ऐसा मतलब बिल्कुल भी नहीं है की आप इसमें बहुत लंबे समय तक निवेश करें। इसका मतलब है की आप जिस कंपनी में निवेश कर रहे है उसके बारे में अच्छे तरीके से जान ले, यह देखें की भविष्य में क्या वो कंपनी सर्वाइव कर पाएगी?, क्या कंपनी ऐसा कोई प्रोडक्ट बनाती है जो भविष्य में कम्पनी का ग्रोथ कर सकती है? 

क्योंकि अगर आपने किसी कंपनी के निवेश किया और वो कंपनी आगे चलके डूब गई तो ऐसे में आपको काफी अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए हमेशा निवेश से पहले कंपनी के बारे में अच्छे से रिसर्च कर लीजिए उसके बाद ही उसमे निवेश करें।

4. अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखें

अपने भावनाओं को नियंत्रण में रखना भी बहुत ही जरूरी है। एक सफल निवेशक बनने के लिए आपको अपने भावनाओं पर भी नियंत्रण करना होगा, यह बहुत ही जरूरी है। 

इसमें आपको काफी प्रॉफिट भी होगा और नुकसान भी काफी अधिक होगा लेकिन अगर आप अपने भावनाओं में बिना नियंत्रण रखे फैसला लेते है, तो यह आपके लिए यह एक घाटे का सौदा हो सकता है। 

अगर कोई कंपनी लगातार ग्रोथ कर रही है तो उसमे अधिक पैसा न लगाए क्योंकि अभी आप शेयर बाजार में नए हो और शुरुआती चरण में हो। आप इसके कम से कम ही पैसा लगाए, इससे आपको नुकसान उठाना नहीं पड़ेगा। 

कभी कभी हम किसी शेयर को देखकर अधिक रिटर्न के चक्कर में जल्दबाजी में ही पैसा लगा देते है और बाद में कंपनी के Share की कीमतें काफी कम हो जाती है।

इससे नुकसान होना तो तय है। इसलिए दोस्तों मैं आपको यही कहूंगा की अपने भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए शेयर बाजार में निवेश करें।

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5. लालच बिल्कुल भी न करें

आपने यह कहावत तो सुना ही होगा की लालच बुरी बला होती है। लालच के कारण अक्सर लोग अपना काफी अधिक नुकसान कर बैठते है और बाद में पछताते है की काश मैंने ऐसा न किया होता, तो आज मेरा नुकसान भी नहीं होता। 

लोगों को लालच से हमेशा दूरी बनाए रखना चाहिए, खास तौर से उन लोगों को जो Share Market में पैसा लगाते है और अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं।

कंपनी जब थोड़ा सा भी ग्रो करने लगती है या कुछ लोगों को अधिक लाभ होने लगता है तब हम अक्सर बिना कुछ सोचे समझे उस कंपनी के स्टॉक्स में अपना पैसा फूंक देते हैं। यह एकदम गलत है, हमें ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। 

शेयर बाजार में सफल होना है, तो आपको लालच से दूरी बनाए रखना होगा।

6. अफवाहों से बचें

शेयर बाज़ार से यदि आप घर बैठे अच्छे खासे पैसे कमाना चाहते हैं तो मैं आपको यही सलाह करूंगा की आप अफवाहों से बचके रहें। अफवाहें लोगों को बरबाद करने के लिए ही होती है। 

आपने अक्सर ऐसे काफी सारे अफवाह सुने होंगे की ये कंपनी डूबने वाली है, वो कंपनी डूबने वाली है या कंपनी फ्रॉड है आदि।

लेकिन आपको इन अफवाहों पर यकीन नहीं करना है। आपको अपने हिसाब से एक बार खुद रिसर्च करना है की लोगों द्वारा कंपनी के बारे में जो अफवाहें फैलाई जा रही है क्या वो सच है या नहीं? कई बार तो लोग यह भी बोल देते हैं की यह बढ़िया कंपनी है इसमें पैसा लगाना चाहिए ये बहुत अच्छा रिटर्न देगी। 

भले ही आप उनकी बातें सुन लो और हां में हां मिला दो लेकिन उन पर यकीन तब तक न करो, जब तक आप खुद अच्छे से कंपनी के बारे में रिसर्च न कर लेते। जब आप कंपनी खुद से रिसर्च कर लेंगे और आपको सही इनफॉर्मेशन मिल जाएगी तब आप उस कंपनी में निवेश कर सकते हैं। 

अगर दूसरों की बातों में आओगे, तो कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे, इससे आप हमेशा घाटे में ही रहोगे।

7. शेयर खरीदने और बेचने का सही समय।

अत्यधिक नए निवेशक शेयर खरीदने और बेचने के समय गलती कर बैठते हैं। आपको पहले शेयर को कब खरीदना और शेयर कब बेचना है इस पर भी रिसर्च करना होगा। शेयर खरीदने के बाद जैसे ही शेयर प्राइस कम होती है, लोग अपने पैसे बचाने के चक्कर सभी शेयर बेच देते है। 

यदि आपने किसी शेयर में निवेश किया है और उसकी कीमत घट रही है तो ऐसे में अगर कंपनी अच्छी है, तो उसके थोड़ा बहुत और पैसा लगा दीजिए उसे निकालिए मत। 

क्योंकि एक्सपीरियंस निवेशक गिरावट के समय ही पैसा लगाते है। लेकिन दोस्तों यहां पर ध्यान दीजिए की अगर किसी कंपनी के शेयर में गिरावट आ रही है और कंपनी अच्छी है तभी उसमे एक्स्ट्रा पैसा लगाए अगर कंपनी अच्छी नहीं है और आपने पैसा लगा दिया, तो फिर आपका कही ज्यादा नुकसान होना तय है।

8. बिजनेसमैन की तरह सोचें

बिजनेस मैने बनने के लिए सबसे पहले एक बिजनेस में की तरह सोचना सीखना होता है। शेयर बाजार से पैसे कमाने के लिए भी आपको एक बिजनेस मैन की तरह ही सोचना होगा क्योंकि शेयर बाजार में आपको प्रॉफिट और लॉस दोनो का सामना करना पड़ेगा, ऐसा हर किसी के साथ होता है। 

एक सच्चा और अच्छा बिजनेसमैन वही होता है जो प्रॉफिट होने पर और लॉस होने पर दोनो ही समय धैर्य रखते हुए अपना काम करता है।

इसी प्रकार आपको भी जब प्रॉफिट हो, तो कोई जल्द बाजी नहीं करना है और नुकसान होने पर भी जल्दबाजी करना है। इससे आपका ज्यादा नुकसान नहीं होगा। आप जल्दबाजी करके अपने ढेरों सारे पैसे गंवा सकते है। 

आपको इमोशनल होके एक भी निर्णय नहीं लेना है बल्कि अच्छे तरीके से सोच समझ के निर्णय लेना है। तभी आप शेयर बाजार से पैसे कमा पाएंगे।

9. मुख्य बातों पर रखें फोकस

वैलेन्टाइन के मुताबिक, शेयर खरीदते समय हमे मुख्य बातों पर ध्यान देना चाहिए जैसे की शेयर की दिशा में कब और क्यों बदलाव आ सकता है, क्या कंपनी कोई लीगल काम तो नहीं करती, कंपनी ने बीते वर्षों कितना रिटर्न दिया है इतुदाई बातों पर।

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शेयर कैसे खरीदे? (How to Buy Share in Hindi)

दोस्तों मैने आपको इस पोस्ट में विस्तार से बता दिया है की शेयर खरीदने से पहले कौन कौन से बातों को ध्यान में रखना होता है, शेयर खरीदने से पहले क्या करना चाहिए? अब यदि आपके मन में सवाल है की चलो ठीक है हमने सब चीजे। 

सिख लिया है, लेकिन हम।इन शेयर्स को खरीदेंगे कैसे? तो आप Share खरीदने के लिए Upstox की मदद ले सकते हैं।

आप इस लिंक पर क्लिक करके अपने स्मार्टफोन में फ्री में Upstox Download कर सकते है। Upstox बहुत ज्यादा पॉपुलर App है, इसके रतन टाटा जैसे बड़े बड़े बिजनेसमैन ने निवेश किया है। यह काफी ज्यादा भरोसे मंद इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म है। 

यदी आपको Upstox के बारे में ज्यादा नहीं पता तो आप, Google में सर्च कर सकते हैं Upstox क्या है - Master Eyes.

Upstox क्या है के बाद Master Eyes लिखना न भूलें, ऐसे में आप हमारे वेबसाइट पर पहुंचेंगे और आपको सही जानकारी मिल सकेगी।

Conclusion (शेयर खरीदते समय किन किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?, शेयर खरीदने से पहले क्या करना चाहिए?)

तो दोस्तों यह था शेयर खरीदते समय किन किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?, शेयर खरीदने से पहले क्या करना चाहिए? उम्मीद करता हूं की आपको मेरे द्वारा लिखी गई यह पोस्ट काफी ज्यादा पसंद आई होगी और आपको इससे शेयर बाजार के बारे में कुछ नया सीखने को भी मिला होगा।

मैं पूरी गारंटी देता हूं अगर आपने ऊपर मेरे द्वारा बताई गई चेकलिस्ट को अच्छे तरीके से फॉलो किया, तो आप शेयर मार्केट जैसे बड़े समुंदर में से अपने लिए एक न एक गोल्डन फिश जरूर खोज निकलेंगे। यानी की आप एक जबरदस्त High Return Giving Stock ढूंढ लेंगे। 

जो भविष्य में मल्टीबैगर बनेगा और आपको काफी ज्यादा धन अर्जित करके देगा और अमीर इन्वेस्टर बना देगा। आपको बता दूं की अच्छे शेयर खरीदना बड़ी बात नहीं है, बल्कि सही समय पर अच्छे शेयर खरीदना बड़ी बात है। आप राकेश झुनझुनवाला को, तो जानते ही होंगे। 

उन्हे इंडिया का वारेन बफेट कहा जाता है। इन्होंने अगर बीते वर्ष टाइटन कंपनी के शेयर ना खरीदा होता, जब वह कंपनी बहुत छोटी थी। तो शायद वह आज इंडिया के टॉप शेयर मार्केट इन्वेस्टर बिल्कुल भी नहीं होते।

यदी आपने पोस्ट शुरू से पढ़ा होगा, तो अब आप शेयर बाजार को काफी बारीकी से जान गए होगे। अब आप शेयर बाजार में अपनी जर्नी शुरू कर सकते हैं। लेकिन ध्यान पूर्वक ही निवेश कीजिएगा, अगर पहली बार निवेश कर रहे है, तो कम रकम से शुर कीजिए। आप इससे अधिक लॉस में जाने से बच सकते हैं।

धन्यवाद!

हमेशा सीखते रहिए ❤️

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